Makar Sankranti 2026: इस बार मकर संक्रांति पर चावल दान करना वर्जित है! जानें क्यों? पढ़ें पूरी खबर

Makar Sankranti 2026:- इस वर्ष मकर संक्रांति एक विशेष संयोग में पड़ रही है, क्योंकि इस बार यह एकादशी तिथि पर आएगी। धर्मशास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन चावल का सेवन और दान दोनों वर्जित माने जाते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि मकर संक्रांति के पुण्य काल में चावल दान करना उचित है या नहीं। आइए जानें इस नियम के पीछे का धार्मिक कारण और क्या कहा गया है शास्त्रों में।

इस वर्ष मकर संक्रांति 2026 एक अद्भुत संयोग के साथ आ रही है, क्योंकि इस बार यह शुभ पर्व एकादशी तिथि पर पड़ रहा है। मकर संक्रांति को सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश का पावन त्योहार माना जाता है, जिसमें तिल-गुड़, दान-पुण्य, सूर्य उपासना और पवित्र स्नान का विशेष महत्व होता है। वहीं दूसरी ओर एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना, व्रत, नियम और सात्त्विकता का दिन माना गया है, जिस दिन शास्त्रों में चावल का सेवन और चावल का दान दोनों वर्जित बताए गए हैं।

इसी कारण इस वर्ष लोगों के मन में बड़ा प्रश्न खड़ा हो रहा है कि जब मकर संक्रांति पर दान को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, तो क्या एकादशी होने के कारण चावल का दान करना उचित रहेगा या वर्जित? क्या इस स्थिति में चावल दान करने से पुण्य बढ़ेगा या घटेगा? और यदि चावल दान न किया जाए तो कौन-से दान अधिक फलदायी माने गए हैं?

धर्मशास्त्र और पुराण दोनों इस विषय पर स्पष्ट दिशा देते हैं। आइए जानते हैं कि इस विशेष संयोग में क्या कहा गया है, कौन-सा नियम पहले आता है और क्या करना धर्म की दृष्टि से श्रेष्ठ माना जाता है।

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति 2026 का शुभ मुहूर्त

📅 मकर संक्रांति 2026 की तारीख

📌 दिन: बुधवार
📌 तारीख: 14 जनवरी 2026

🕐 शुभ मुहूर्त / शुभ समय (Punya Kaal)

🌞 मकर संक्रांति पुण्यकाल:
03:13 PM से 05:45 PM तक
(करीब 2 घंटे 32 मिनट)

सबसे शुभ समय (Maha Punya Kala):
03:13 PM से 04:58 PM तक
(लगभग 1 घंटा 45 मिनट)

📌 सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का समय:
03:13 PM

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