Choti Diwali (Narak Chaturdashi) 2025: Darkness मिटाकर Life में लाएं Divine Light, Happiness और Success, जानिए तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त
Choti Diwali (Narak Chaturdashi) 2025: छोटी दिवाली, जिसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है, बुराई और अंधकार को मिटाकर जीवन में नई रोशनी लाने का शुभ पर्व है। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का अंत कर धर्म और प्रकाश की विजय स्थापित की थी। माना जाता है कि छोटी दिवाली पर दीप जलाने, स्नान और पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में Divine Light, Happiness और Success का वास होता है।
छोटी दिवाली, जिसे नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi) भी कहा जाता है, दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाने वाला प्रकाश और सकारात्मकता का अद्भुत पर्व है। यह दिन बुराई, दुर्भाग्य और अंधकार को मिटाकर जीवन में Divine Light, Happiness और Success लाने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था और धरती को भय एवं नकारात्मकता से मुक्त कराया था।
छोटी दिवाली की सुबह शुभ स्नान (अभ्यंग स्नान), दीपदान, और यमराज की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसा करने से जीवन से Bad Luck और Negative Energy दूर होती है, तथा घर में सुख, शांति, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है। इस दिन किए गए शुभ कर्म, दीपदान और प्रार्थना जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं और आने वाले वर्ष के लिए मंगलमय शुरुआत का संकेत देते हैं।
यह पर्व केवल घर की सफाई और रोशनी का नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मानसिक शांति का भी संदेश देता है — कि हर व्यक्ति अपने भीतर की Darkness को मिटाकर, अपने जीवन को Divine Light से आलोकित करे।
Choti Diwali (Narak Chaturdashi) 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली को ही नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi) कहा जाता है। इस दिन यम दीपदान का विशेष महत्व होता है, जिससे व्यक्ति को पापों से मुक्ति और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
तिथि (Date & Time)
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नरक चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 19 अक्टूबर 2025, रविवार, रात 01:51 बजे
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नरक चतुर्दशी तिथि समाप्त: 20 अक्टूबर 2025, सोमवार, दोपहर 03:44 बजे
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
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अभ्यंग स्नान मुहूर्त: सुबह 07:47 AM से 12:26 PM तक
इस समय स्नान करने और दीपदान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। -
काली चौदस पूजा मुहूर्त: 11:41 PM से 12:31 AM (रात्रि)
यह समय विशेष रूप से देवी काली और यमराज की आराधना के लिए उत्तम माना गया है।
इस दिन किया गया दीपदान व्यक्ति के जीवन से Darkness, Negativity और Bad Luck को मिटाकर Divine Light, Happiness और Prosperity का मार्ग खोलता है।
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Choti Diwali (Narak Chaturdashi) 2025 की पूजा विधि
छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी का दिन नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर जीवन में प्रकाश लाने का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, यमराज, और देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। आइए जानते हैं इस दिन की step-by-step पूजा विधि —
1. अभ्यंग स्नान (Auspicious Bath)
सुबह ब्रह्म मुहूर्त या अभ्यंग स्नान मुहूर्त में उठकर शरीर पर तेल लगाकर स्नान करें।
इसे “नरक स्नान” कहा जाता है जो पापों का नाश करता है और शुभ फल देता है।
2. दीपदान और यमराज की पूजा
शाम के समय घर के मुख्य द्वार, रसोई और आंगन में दीपक जलाएं।
एक दीपक घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखकर यमराज को अर्पित करें — इसे “यम दीपदान” कहा जाता है।
यह दीप मृत्यु भय और अकाल मृत्यु से रक्षा करता है।
मंत्र:
“ॐ यमाय नमः”
इस मंत्र का 11 बार जप करें और दीपक अर्पित करें।
3. श्रीकृष्ण और देवी लक्ष्मी की आराधना
पूजन स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र रखें।
फूल, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
गायत्री मंत्र या लक्ष्मी मंत्र का जप करें ताकि घर में धन-समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे।
4. काली चौदस की पूजा
रात्रि के समय देवी काली की आराधना करें।
उनसे जीवन से अंधकार, भय और बुराई मिटाने की प्रार्थना करें।
इस दिन “काली चौदस तंत्र पूजा” का भी विशेष महत्व है।
5. दीप जलाकर घर को सजाएं
पूजा के बाद पूरे घर में दीप जलाएं, विशेष रूप से तुलसी चौरा और घर के कोनों में।
यह अंधकार को दूर कर Divine Energy को आकर्षित करता है।
6. भोजन और दान
इस दिन सादा और सात्त्विक भोजन करें।
जरूरतमंदों को दीपक, कपड़े या मिठाई दान करें।
ऐसा करने से पितृ दोष और नकारात्मक ग्रहों का प्रभाव कम होता है।
Choti Diwali (Narak Chaturdashi) 2025 का महत्व और लाभ
छोटी दिवाली जिसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है, अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक दिन है।कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था और धरती को भय से मुक्त किया था। इसी कारण इसे “Narak Nivaran Day” या “Light Over Darkness Day” भी कहा जाता है।
1. पाप और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
इस दिन किए गए स्नान, दीपदान और पूजा से व्यक्ति के जीवन में जमा नकारात्मक ऊर्जा और पाप नष्ट होते हैं।
इसे आत्मिक शुद्धि (Spiritual Cleansing) का दिन माना जाता है।
2. अकाल मृत्यु से रक्षा
छोटी दिवाली पर किया गया यम दीपदान व्यक्ति को अकाल मृत्यु और यम भय से बचाता है।
कहा गया है — “यम दीप दान से मृत्यु भय दूर होता है और जीवन में लंबी आयु प्राप्त होती है।”
3. धन और समृद्धि का आह्वान
नरक चतुर्दशी की शाम को माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने से घर में Wealth, Prosperity और Abundance आती है।
यह दिन दीपावली के मुख्य धन दिवस (लक्ष्मी पूजन) से ठीक पहले सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का सर्वोत्तम समय होता है।
4. स्वास्थ्य और सौंदर्य लाभ
इस दिन किए गए अभ्यंग स्नान (तेल स्नान) से शरीर के दोष दूर होते हैं और त्वचा में चमक आती है।
यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी लाभकारी माना गया है।
5. पारिवारिक सुख और शांति
नरक चतुर्दशी पर की गई सामूहिक पूजा, दीपदान और दान-पुण्य से घर में Love, Harmony और Positive Vibes बढ़ती हैं।
यह दिन परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और एकता को मजबूत करता है।
6. Divine Light का प्रवेश
जब घर के हर कोने में दीपक जलता है, तो माना जाता है कि वहां देवी लक्ष्मी और शुभ शक्तियों का प्रवेश होता है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि —
“जब भीतर की अंधेरी सोच खत्म होती है, तभी असली दिवाली होती है।”
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