विष्णु चालिसा 2025: देवउठनी एकादशी पर करें विष्णु चालिसा पाठ और आरती, destroy Negativity और attract होगी धन-लक्ष्मी व Prosperity
विष्णु चालिसा 2025: देवउठनी एकादशी पर विष्णु चालिसा और आरती का पाठ करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। इस दिन विष्णु जी की भक्ति से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और जीवन में धन-लक्ष्मी व समृद्धि का आगमन होता है। यह उपाय घर में सुख, शांति और positivity बढ़ाने वाला है।

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देवउठनी एकादशी 2025 का दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। यह वह तिथि है जब भगवान विष्णु चार महीने के योगनिद्रा से जागृत होकर सृष्टि संचालन का कार्य पुनः आरंभ करते हैं। इस पवित्र अवसर पर यदि श्रद्धा और भक्ति से विष्णु चालिसा और विष्णु आरती का पाठ किया जाए तो जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता (Negativity) दूर होती है।
भक्तों के घर में धन-लक्ष्मी का आगमन होता है और जीवन में Prosperity, सुख-शांति तथा आध्यात्मिक शक्ति** का वास होता है।
कहा जाता है कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ माँ लक्ष्मी की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन विष्णु चालिसा का पाठ करने से मन की शुद्धि होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवाह होता है। यह दिन न केवल भौतिक समृद्धि देता है बल्कि पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में भी सुख और संतुलन लाने वाला माना गया है।
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श्री विष्णु चालिसा 2025| Vishnu Chalisa in Hindi
॥ दोहा ॥
जय जय जय जगदीश्वर स्वामी। जय जय जय प्रभु विष्णु अभिरामी॥
सुख सागर सब दुख हरता। भक्त जनों के कष्ट निवरता॥
॥ चौपाई ॥
जय विष्णु भगतन हितकारी। सब पर हो कृपा तुम्हारी॥
शेष शैया पर सुख सोवो। लक्ष्मी संग नित प्रेम बखानो॥
जग पालन को रूप तुम्हारो। ब्रह्मा रचयो जगत व्यवहारो॥
शिव संहारक रूप धरो। भक्तन संकट द्रुत ही टरो॥
वामन बनि बलि बंधन डारे। तीन पग में धरती नापे॥
नृसिंह रूप धर्यो भगवन्ता। प्रह्लाद राख्यो जग में सन्ता॥
राम रूप धरि रावन मारा। सीता संग कीन्हा सुख सारा॥
कृष्ण रूप धरि कंस संहारा। गोवर्धन धरि रक्षक प्यारा॥
सुदर्शन चक्र धरो भव भय हर। भक्तन के सब संकट टर॥
गरुड़ वाहन बनि तुम धावो। विषधर मूर छिनत कर जावो॥
गजेन्द्र की पीर मिटाई। विपदा हर ली तुरत बनाई॥
द्रौपदी लाज राखन हारे। नरसिंह रूप धर्यो भव तारे॥
भक्तन के तुम संकट हरता। दीनन के दुख दूरि करता॥
जो कोई नर विष्णु गुण गावै। भवसागर से पार उतरावै॥
दुःख दरिद्र मिटे तन से। घर में बसै सदा लक्ष्मी मन से॥
सुख शांति तब नित फल पावै। जो मन लगाकर विष्णु गुन गावै॥
जय जय जय विष्णु भगवान। भक्त जनन के संकट हान॥
जो कोई श्रद्धा भाव सुमिरै। विष्णु लोक में स्थान तिन पाइ॥
॥ दोहा ॥
जय विष्णु जय लक्ष्मीपति। करहु कृपा अब चीत॥
जो जन पाठ करें दिन रात। तिन पर रहे सदा प्रभु नाथ॥
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विष्णु आरती | Vishnu Aarti in Hindi
ॐ जय जगदीश हरे
स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट।
क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
जो ध्यावे फल पावे।
दुख बिनसे मन का॥
स्वामी दुख बिनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे।
कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
मात पिता तुम मेरे।
शरण गहूँ मैं किसकी॥
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा।
आस करूँ मैं जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम पूरण परमात्मा।
तुम अन्तर्यामी॥
स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर।
तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम करुणा के सागर।
तुम पालनकर्ता॥
स्वामी तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी।
कृपा करो भ्राता॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम हो एक अगोचर।
सबके प्राणपति॥
स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय।
मुझको समझा दे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
जो ध्यावे फल पावे।
सुख सम्पत्ति घर आवे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥
Vishnu Chalisa 2025:- Benefits (लाभ)
- इस चालिसा का पाठ करने से सभी प्रकार की नकारात्मकता (Negativity) समाप्त होती है।
- जीवन में धन-लक्ष्मी और Prosperity का आगमन होता है।
- परिवार में सुख-शांति और Positive Energy बढ़ती है।
- भक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
- विष्णु जी की कृपा से सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
देवउठनी एकादशी या किसी भी शुभ दिन विष्णु चालिसा के बाद विष्णु आरती का गायन करने से घर में शांति, समृद्धि, और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होकर भक्त को धन, सौभाग्य और स्थिरता का आशीर्वाद देते हैं।
